प्रसूति अवकाश ( मातृत्व अवकाश ) से सम्बन्धित नियम -
(1) प्रसूति अवकाश की अवधि अवकाश के प्रारम्भ के दिनांक से 180 दिन तक हो सकती है परन्तु ऐसा अवकाश सम्पूर्ण सेवा के दौरान तीन बार से अधिक स्वीकृत नहीं किया जाएगा ।
(2) यदि किसी शिक्षिका के दो या अधिक जीवित बच्चे हो तो उसे प्रसूति अवकाश स्वीकृत नहीं किया जायेगा । फिर भी यदि शिक्षिका के दो जीवित बच्चों में से कोई भी बच्चा जन्म से किसी असाध्य रोग से पीड़ित हो या विकलांग या अपंग हो या बाद में किसी असाध्य रोग से ग्रस्त हो जाय या विकलांग या अपंग हो जाय तो उसे अपवाद के रुप में, एक बच्चा और पैदा होने तक प्रसूति अवकाश स्वीकृत किया जा सकता बशर्ते उसने तीन से अधिक प्रसूति / मातृत्व अवकाश न लिये गये हों ।
ये नियम अब समाप्त कर दिया गया है -
(विशेष :: परन्तु यह और कि ऐसा अवकाश तब तक अनुमन्य नहीं होगा जब तक कि इस नियम के अधीन स्वीकृत पिछले प्रसूति अवकाश की समाप्ति के दिनांक से कम-से-कम दो वर्ष की अवधि व्यतीत न हो जाय।)
गर्भपात सम्बन्धी नियम :- गर्भपात के मामलों में, जिसके अन्तर्गत गर्भस्राव भी है, प्रसूति अवकाश की अवधि शिक्षिका के जीवित बच्चों की संख्या का ध्यान दिये बिना प्रत्येक अवसर पर कुल छः सप्ताह (42 दिन) तक हो सकती है, बशर्ते कि अवकाश के आवेदन पत्र के साथ प्राधिकृत चिकित्सक का प्रमाण पत्र हो ।
छुट्टी के आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज -
- प्रार्थनापत्र - [ CLICK HERE ]
- प्रसूति अवकाश हेतु आवेदन पत्र - [ CLICK HERE ]
- जिस डॉक्टर से कन्सल्ट कर रहें उसके द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट -
- अल्ट्रासाउण्ड / सोनोग्राफ़ी रिपोर्ट जिसमें प्रेगनेंसी पुष्टित हो -
- ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी के समक्ष एक एफ़िडेविड -
मानव सम्पदा पोर्टल पर मातृत्व अवकाश हेतु आवेदन करते समय उक्तवत डोक्यूमेंट की PDF ( 1 MB से कम ) बनाकर मानव सम्पदा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। मातव अवकाश अवकाश (MATERNITY LEAVE)
स्वीकृता प्राधिकारी
📢 शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट!
सबसे पहले आदेश और खबरें पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें।
Join WhatsApp Group





0 Comments
एक टिप्पणी भेजें